पुरानी साइकिल खरीदने से पहले ये 8 चीज़ें दबाकर देखो
नमस्कार दोस्तों, स्वागत है आपका हमारे एक और नए article में। आज के इस article में हम बात करेंगे कि आप अगर पुरानी cycle खरीदने का विचार कर चुके हो, तो पुरानी cycle खरीदते समय आपको किन-किन बातों का ध्यान रखना है ताकि आप एक खराब cycle खरीदने से बच जाए। आप जो पैसे दे रहे हैं, उसकी कीमत में आप एक अच्छी cycle खरीद पाए। किन-किन चीजों का ध्यान रखना है ताकि आप पागल बनने से बच जाए। तो चलिए, फिर article की शुरुआत करते हैं।
पुरानी साइकिल खरीदने से पहले ये 8 चीज़ें दबाकर देखो
OLX खोला, “साइकिल, बढ़िया हालत, बस 2 महीने चली, ₹2000 में।” Photo में तो चमक रही है। बंदे को call किया, वो बोला जल्दी करो, दो लोग और देखने आ रहे हैं।
यहीं रुको। यही जल्दी महंगी पड़ती है।
पुरानी साइकिल सही परखकर लो तो नई से बेहतर सौदा है, आधे दाम में अच्छी चीज। पर बिना जांचे ली तो दो महीने में mechanic के चक्कर काटते रह जाओगे, और जितना बचाया उससे ज्यादा repair में लग जाएगा। पुरानी साइकिल खरीदने से पहले क्या-क्या देखना है, यही इस guide में सिलसिलेवार बताएंगे। आठ चीज़ें, जो दो मिनट में साइकिल की असली हालत खोल देती हैं।
पहले एक बात साफ कर दूं, क्योंकि internet इस पर आपको गुमराह करेगा।
पहले यह समझो: साइकिल बाइक नहीं है
Google पर “पुरानी साइकिल खरीदने से पहले” search करोगे तो जो pages खुलेंगे, वो असल में पुरानी मोटरसाइकिल के बारे में हैं। RC transfer कराओ, PUC लो, insurance check करो, engine की आवाज सुनो, NOC लो। यह सब साइकिल पर लागू ही नहीं होता।
साइकिल में ना RC होती है, ना PUC, ना insurance, ना engine, ना registration। मतलब वो सारी कागजी झंझट यहाँ है ही नहीं (साइकिल के registration का पूरा सच हमने अलग बताया है, [INTERNAL-LINK: नई साइकिल के बाद registration और जरूरी काम])। पुरानी साइकिल में देखने की चीजें बिल्कुल अलग हैं, और वही असली हैं। चलो सीधे उन पर।
1. Frame सीधा है या मुड़ा हुआ
यह सबसे जरूरी है, और सबसे कम लोग देखते हैं। Frame साइकिल की रीढ़ है। एक बार मुड़ गया तो ठीक नहीं होता, और मुड़े frame वाली साइकिल हमेशा एक तरफ खिंचती है।
जांचने का तरीका। साइकिल को थोड़ा दूर खड़ा करके पीछे से सीध में देखो। आगे और पीछे का पहिया एक ही line में होने चाहिए, एक बाएं एक दाएं नहीं। फिर साइकिल को हाथ छोड़कर सीधा धकेलो, अगर वो अपने आप एक तरफ मुड़ती जाए तो frame या पहिया टेढ़ा है। ऐसी साइकिल छोड़ दो, चाहे कितनी भी सस्ती हो।
2. जंग, खासकर वहाँ जहाँ नजर नहीं जाती
ऊपर की चमक धोखा है। असली जंग छुपी जगहों पर होती है।
Chain को देखो, भूरी और सूखी तो बरतने में रही है। नीचे वाले डंडे और seat के नीचे वाली springs पर हाथ फेरो, वहाँ जंग सबसे पहले पकड़ती है। पहिये के rim और spokes पर भूरे धब्बे देखो। थोड़ी-बहुत सतही जंग चलेगी, पर अगर frame के जोड़ों पर जंग ने गड्ढे बना दिए हैं, तो वो साइकिल अंदर से कमजोर है। जंग से बचाव पर हमने पूरा लिखा है, पर खरीदते वक्त गहरी जंग वाली साइकिल से बचना ही समझदारी है, [INTERNAL-LINK: साइकिल को जंग से कैसे बचाएं]।
3. दोनों पहिये घुमाकर देखो
पहिया साइकिल का सबसे महंगा हिस्सा है बदलवाने में। इसलिए ध्यान से।
हर पहिये को हाथ से जोर से घुमाओ और देखो। पहिया सीधा घूमना चाहिए, बिना एक तरफ डगमगाए। अगर वो लहराता हुआ घूमे, तो rim टेढ़ा है (इसे mechanic “wheel का eight होना” बोलते हैं)। फिर rim को brake के पास से देखो, घूमते वक्त कहीं brake से रगड़ न खाए।
Spokes यानी तारों को उंगली से बजाओ। सब कसे होने चाहिए, कोई ढीला या टूटा हुआ न हो। एक-दो ढीले spoke ठीक हो जाते हैं, पर कई ढीले मतलब पहिया कमजोर।
4. Bearing का खेल: pedal और पहिया हिलाओ
यह वो जांच है जो जानकार लोग करते हैं और बाकी छोड़ देते हैं। Bearing घिस जाए तो साइकिल में खटर-पटर और भारीपन आता है।
पहिये को दोनों हाथ से पकड़कर अगल-बगल हिलाओ (घुमाओ नहीं, बस side में धक्का दो)। अगर वो ढीला होकर हिले, तो पहिये का bearing घिसा है। यही pedal के साथ करो, pedal को अगल-बगल हिलाओ, ढीलापन नहीं होना चाहिए। Handle को भी पकड़कर आगे-पीछे हिलाओ, वहाँ भी ढीलापन bearing की दिक्कत बताता है। Bearing की greasing सस्ती है, पर घिसा हुआ bearing बदलवाना खर्चा है।
5. Chain और sprocket की घिसाई
Chain और वो दांतेदार पहिया जिस पर chain चढ़ती है (sprocket), दोनों साथ घिसते हैं। और अकेली chain बदलवाना काफी नहीं होता अगर sprocket भी घिस चुका हो।
Sprocket के दांतों को देखो। नए दांते चौकोर-से होते हैं, घिसे हुए दांते नुकीले और मुड़े हुए, शार्क के दांतों जैसे। अगर दांते नुकीले दिख रहे हैं, तो chain और sprocket दोनों बदलने पड़ेंगे, यह खर्चा दाम में जोड़ लो। Chain को उंगली से खींचकर देखो, अगर वो sprocket से बहुत ढीली उठे तो घिसी हुई है।
6. Repaint के धोखे को पकड़ो
अब चालाकी वाला हिस्सा। कई बार बेचने वाला पुरानी, गिरी हुई या जंग वाली साइकिल पर नया paint या sticker चढ़ा देता है, ताकि “बढ़िया हालत” लगे।
Paint को ध्यान से देखो। अगर कहीं paint की परत मोटी और असमान है, या जोड़ों पर paint भर दिया गया है, तो नीचे कुछ छुपाया गया है, अक्सर जंग या पुरानी खरोंच। एक ही साइकिल पर दो अलग shade का paint भी निशानी है कि कोई हिस्सा बदला या रंगा गया है। बहुत ज्यादा चमकती, ताजा रंगी पुरानी साइकिल पर शक करो, पूछो कि रंगवाई क्यों।
7. Brake: यह mechanic से पक्का करवाओ
बाकी सब आप खुद देख सकते हो, पर brake के मामले में एक कदम आगे जाना है, क्योंकि यह सीधे जान से जुड़ा है।
खुद पहले दबाकर देखो, दोनों brake कसकर पकड़ें और छोड़ने पर वापस आएं। पहिया पूरा रुकना चाहिए। Brake के rubber pad देखो, बहुत घिसे हुए तो बदलने पड़ेंगे। पर सबसे जरूरी, अगर साइकिल पसंद आ रही है और आप लेने का मन बना रहे हो, तो पैसे देने से पहले किसी नजदीकी mechanic को एक बार brake दिखा दो। ₹20-30 लगेंगे, पर brake ढीला निकला तो वही आपको बचाएगा। brake पर समझौता कभी मत करना।
8. Test राइड जरूर, और सुनो
आखिरी और सबसे मजेदार। साइकिल चलाकर देखे बिना कभी मत खरीदो।
थोड़ी दूर चलाओ, और तीन चीजों पर ध्यान दो। एक, साइकिल सीधी चलती है या एक तरफ खिंचती है (frame का इशारा)। दो, pedal मारने पर कोई कट-कट, चूं-चूं या घर्र-घर्र की आवाज तो नहीं आ रही (bearing या chain की दिक्कत)। तीन, brake लगाने पर सही रुकती है या नहीं। चलाते वक्त साइकिल जो आवाजें करती है, वो उसकी असली कहानी बताती हैं।
मोल-भाव और OLX वाली समझदारी
साइकिल परख ली, अब दाम की बात। यहीं ज्यादातर लोग या तो ठगे जाते हैं या अच्छी deal छोड़ देते हैं।
जो कमियां आपने ऊपर पकड़ीं, वही आपके मोल-भाव के हथियार हैं। “Chain-sprocket घिसा है, बदलवाना पड़ेगा, इसलिए इतने कम में दो”, यह सीधा और सही तर्क है। बेचने वाले की “जल्दी करो, और लोग आ रहे हैं” वाली बात में मत फंसो, यह अक्सर दबाव बनाने की चाल है।
OLX या Facebook पर लो तो कुछ बातें पक्की। साइकिल सामने, दिन के उजाले में देखो, photo के भरोसे पैसे कभी advance मत भेजो। बेचने वाले से पूछो कि साइकिल कितनी पुरानी है और क्यों बेच रहा है। और हो सके तो पुराना bill माँगो, हालांकि पुरानी साइकिल पर वो कम ही मिलता है। बिना देखे advance माँगने वाला अक्सर ठग होता है।
किसे पुरानी साइकिल लेनी चाहिए, किसे नहीं
लेनी चाहिए अगर: budget कम है और आप ऊपर वाली जांच कर सकते हो या किसी जानकार को साथ ले जा सकते हो। अच्छी परखी हुई पुरानी देसी साइकिल नई सस्ती साइकिल से बेहतर सौदा है, क्योंकि देसी का ढांचा सालों चलता है।
मत लो अगर: आपको जांच करना नहीं आता और साथ में कोई जानकार नहीं है। ऐसे में थोड़े और पैसे लगाकर नई basic साइकिल लो, कम से कम धोखे का डर नहीं रहेगा। ₹5000 के अंदर नई साइकिल के options हमने अलग बताए हैं, [INTERNAL-LINK: ₹5000 के अंदर सबसे अच्छी साइकिल]।
E-cycle पुरानी ले रहे हो? तो सबसे बड़ी चीज battery है, जो आधी कीमत होती है और जिसकी हालत ऊपर से नहीं दिखती। उसकी जांच अलग तरीके से होती है, इस पर हम अलग से लिख रहे हैं। तब तक इतना समझ लो कि बिना battery परखे पुरानी e-cycle मत लेना।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
पुरानी साइकिल खरीदते समय सबसे पहले क्या देखें?
सबसे पहले frame सीधा है या मुड़ा, यह देखो, क्योंकि मुड़ा frame ठीक नहीं होता। फिर जंग, पहिये का घूमना, bearing का ढीलापन और chain-sprocket की घिसाई। आखिर में test राइड और brake की mechanic से जांच।
पुरानी साइकिल में जंग कितनी चलेगी?
हल्की सतही जंग चल जाती है और साफ हो जाती है। पर अगर frame के जोड़ों पर जंग ने गड्ढे बना दिए हैं, तो साइकिल अंदर से कमजोर है, वो मत लो। Chain और springs की जंग बदली जा सकती है, frame की नहीं
OLX से पुरानी साइकिल खरीदना safe है?
साइकिल सामने, दिन के उजाले में देखकर लो तो ठीक है। कभी photo के भरोसे advance पैसे मत भेजो, यही सबसे बड़ा धोखा है। साइकिल परखो, मोल-भाव करो, और नकद देकर सामने से लो
पुरानी साइकिल का सही दाम कैसे तय करें?
जो कमियां आपने जांच में पकड़ीं (घिसा chain, जंग, ढीला bearing), उनके repair का खर्च नए दाम से घटाओ। बेचने वाले के “जल्दी करो” वाले दबाव में मत आओ। साइकिल जितनी पुरानी और जितनी घिसी, दाम उतना कम
पुरानी साइकिल का registration transfer कराना पड़ता है क्या?
नहीं। साइकिल का कोई registration, RC या insurance होता ही नहीं, तो transfer का सवाल नहीं। यह सब सिर्फ मोटर वाले वाहनों पर होता है। जो pages यह बताते हैं, वो असल में मोटरसाइकिल के बारे में हैं
पुरानी साइकिल के brake कैसे जांचें?
खुद दबाकर देखो कि पहिया पूरा रुकता है और brake वापस आता है | Rubber pad ज्यादा घिसे तो बदलने होंगे। पर पैसे देने से पहले brake किसी mechanic को जरूर दिखाओ, यह जान से जुड़ी चीज है, इस पर समझौता मत करो
पुरानी साइकिल खरीदना जुआ नहीं है, बशर्ते आप दो मिनट रुककर परख लो। purani cycle kaise kharide का पूरा राज यही आठ जांचें हैं, frame से brake तक। चमक देखकर नहीं, दबाकर-बजाकर लो। सही परखी हुई पुरानी साइकिल आधे दाम में सालों साथ देगी।
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