साइकिल चलाने के फायदे: शरीर और जेब दोनों के लिए
Cycle Chalane ke Fayde – नमस्कार दोस्तों, स्वागत है आपका हमारे एक और नए article में। आज के इस article के अंदर हम बात करने वाले हैं cycle चलाने के फायदों के बारे में। जी हां, दोस्तों, cycle चलाने के सारे फायदे चाहे शरीर के लिए हो, चाहे आपकी जेब के लिए हो, दोनों फायदों के बारे में बात करेंगे। बहुत ही detail में, बहुत ही आसान भाषा में हम बात करने वाले हैं, तो चलिए फिर article की शुरुआत करते हैं।
साइकिल चलाने के फायदे (Cycle Chalane ke Fayde in Hindi)
सुबह पड़ोसी को देखा, दो किलोमीटर दूर की दुकान तक scooter निकाल रहा था पीछे से आवाज आई, अरे साइकिल से चला जा, पैसे भी बचेंगे और तोंद भी कम होगी।
बात मजाक में थी, पर सौ टके सच थी।
हम साइकिल को बचपन की चीज या गरीबी की सवारी समझकर छोड़ देते हैं, और उसी के साथ रोज के दो फायदे भी छोड़ देते हैं साइकिल चलाने के फायदे सिर्फ सेहत तक नहीं रुकते, वो सीधे जेब तक जाते हैं, और यही हिस्सा कोई नहीं बताता सेहत की बात तो हर कोई करता है, हम पैसे का असली हिसाब भी करेंगे और ईमानदारी से नुकसान भी बताएंगे, क्योंकि हर चीज के दो पहलू होते हैं।
तो चलिए, फिर बात करते हैं: Cycle चलाने के क्या-क्या फायदे हैं और क्या-क्या नुकसान भी हैं।
शरीर के लिए क्या-क्या फायदे हैं
सबसे पहले वो हिस्सा जो सब जानते हैं, पर सही से कोई नहीं समझाता।
साइकिल चलाना दिल के लिए अच्छी कसरत है यह aerobic exercise है, मतलब दिल, फेफड़े और खून की नसें, सब एक साथ काम करती हैं और मजबूत होती हैं। रोज थोड़ा चलाओ तो सांस फूलना कम होता है और stamina बढ़ता है।
पैरों की ताकत के लिए इससे बढ़िया और आसान कोई exercise नहीं है जांघ, पिंडली, कूल्हे, सब पर काम पड़ता है, और वो भी बिना घुटनों पर ज्यादा जोर डाले यहीं साइकिल दौड़ से आगे निकल जाती है दौड़ में हर कदम पर घुटने पर धमाका पड़ता है, साइकिल में वो झटका नहीं होता इसीलिए जिनके घुटने कमजोर हैं, उनके लिए भी यह ज्यादातर सही रहती है।
वजन कम करने में यह सच में मदद करती है, क्योंकि चलाने में calorie जलती है पर यहाँ एक साफ बात, अकेली साइकिल जादू नहीं है। खाना भी साथ में सही रखोगे तभी फर्क दिखेगा रोज चलाओ और तली-भुनी चीजों पर थोड़ा हाथ रोको, दोनों साथ चलेंगे तो नतीजा आता है।
और एक फायदा जिस पर कम बात होती है, दिमाग का सुबह की ठंडी हवा में साइकिल चलाकर निकलो तो दिनभर का mood बदल जाता है Tension, चिड़चिड़ाहट, यह सब थोड़ी कसरत से हल्के होते हैं, और रात को नींद भी अच्छी आती है शरीर थकता है तो नींद गहरी होती है, यह तो आपने खुद महसूस किया होगा।
अब जेब का हिसाब, जो कोई नहीं बताता
मान लो रोज का आना-जाना 6-8 किलोमीटर है दुकान, office, बच्चे को छोड़ना, बाजार यह दूरी ज्यादातर लोग scooter या bike से तय करते हैं।
scooter करीब 40-45 किलोमीटर एक लीटर में चलती है, और petrol आजकल सौ रुपये लीटर के आसपास है (अपने शहर का ताजा भाव खुद देख लेना)। मोटा-मोटी हिसाब लगाओ तो रोज के इस छोटे से चक्कर में भी हर दिन petrol का खर्चा बैठता है, और महीने के आखिर में यह अच्छी-खासी रकम बन जाती है इसमें जोड़ो servicing, engine oil, कभी puncture, कभी parking।
साइकिल में यह सब शून्य है। ना petrol, na servicing का बड़ा खर्च, ना parking की टेंशन।
| खर्चा | Scooter/Bike | साइकिल |
|---|---|---|
| रोज का petrol | हर दिन जेब से | ₹0 |
| Servicing, oil | हर कुछ महीने में | बहुत कम, कभी-कभार |
| Parking | कई जगह देना पड़ता है | ज्यादातर मुफ्त |
| Puncture/छोटी repair | महंगी | सस्ती |
महीने का असली आंकड़ा अपने हिसाब से निकालो, अपनी दूरी और अपने शहर के petrol भाव से गुणा करके जो नंबर आएगा, उसे साल से गुणा करना मत भूलना। तब समझ आएगा कि रोज की छोटी सवारी सालभर में कितनी बड़ी रकम खा जाती है।
एक बात और जो पैसे से जुड़ी है। साइकिल में महंगाई का झटका नहीं लगता। Petrol के दाम बढ़ें या घटें, साइकिल वाले को फर्क नहीं पड़ता। इस महंगाई में यह अपने आप में एक राहत है।
रोज चलाओगे तो सबसे ज्यादा फायदा
एक बार-दो बार चलाने से कुछ खास नहीं होता। साइकिल का असली फायदा तब है जब यह रोज की आदत बन जाए।
रोज साइकिल चलाने से कसरत अलग से करने की जरूरत नहीं रहती जो लोग gym का वक्त या पैसा नहीं निकाल पाते, उनके लिए रोज का आना-जाना ही कसरत बन जाता है। एक तीर, दो निशाने, काम भी हो गया और सेहत भी।
बस शुरुआत छोटी रखो। पहले दिन ही दस किलोमीटर मत ठोक देना, वरना अगले दिन टांगें जवाब दे देंगी और आदत छूट जाएगी। रोज के छोटे-मोटे काम से शुरू करो, शरीर ढल जाए तो दूरी अपने आप बढ़ेगी।
हर चीज के दो पहलू: नुकसान भी जान लो
गलत साइकिल या गलत तरीके से चलाने पर दिक्कत होती है। गद्दी बहुत नीची या बहुत ऊंची हो तो घुटने और कमर में दर्द आ सकता है। इसका इलाज साइकिल छोड़ना नहीं, गद्दी सही ऊंचाई पर करना है।
जरूरत से ज्यादा, बिना आराम के रोज लंबा चलाना भी ठीक नहीं। शरीर को ढलने का वक्त दो। और जिनको पहले से कोई गंभीर दिल या घुटने की तकलीफ है, उन्हें शुरू करने से पहले एक बार अपने doctor से पूछ लेना चाहिए, यह सबसे समझदारी वाली बात है।
Traffic और सड़क का ध्यान भी जरूरी है। भारत की सड़कों पर साइकिल चलाना सतर्कता मांगता है, खासकर बड़ी सड़कों पर। हो सके तो कम भीड़ वाला रास्ता चुनो, और रात में light-reflector जरूर लगाओ।
देखो, कोई भी चीज बिना नुकसान के नहीं होती। पर यहाँ नुकसान की जड़ ज्यादातर गलत तरीका है, साइकिल नहीं। तरीका सही, तो पलड़ा भारी फायदे की तरफ ही झुकता है।
शुरू कैसे करें, अगर आज से करना है
फायदे पढ़ लिए, अब सवाल यह कि शुरू कैसे करें। सीधा-सादा।
अगर चलानी नहीं आती, कोई शर्म नहीं, किसी भी उम्र में सीखी जा सकती है। हमने पूरा तरीका अलग से लिखा है,
[साइकिल चलाना कैसे सीखें, हर उम्र के लिए]
आती है पर साइकिल नहीं है, तो पहले यह तय करो कि आपके काम के लिए कौन सी सही रहेगी, फालतू पैसे लगाने की जरूरत नहीं,
[गांव और शहर के लिए कौन सी साइकिल]
और जो साइकिल घर में धूल खा रही है, उसे निकालो, हवा भरवाओ, chain में तेल डालो, और आज से शुरू। बारिश का मौसम है तो जंग से बचाव भी साथ कर लेना, [साइकिल को जंग से कैसे बचाएं]
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
रोज साइकिल चलाने से क्या फायदा होता है?
रोज चलाने से दिल और फेफड़े मजबूत होते हैं, पैरों की ताकत और stamina बढ़ता है, वजन काबू में रहता है और mood अच्छा रहता है। साथ ही रोज का petrol खर्च बचता है, तो सेहत और पैसा दोनों का फायदा एक साथ।
साइकिल चलाने के क्या नुकसान हैं?
गलत ऊंचाई की गद्दी से घुटने या कमर में दर्द हो सकता है, और जरूरत से ज्यादा चलाने से थकान। ये नुकसान साइकिल के नहीं, गलत तरीके के हैं, गद्दी सही रखो, धीरे शुरू करो, और कोई पुरानी बीमारी हो तो doctor से पूछ लो।
क्या साइकिल चलाने से height बढ़ती है?
नहीं। Height genes और खान-पान से तय होती है, किसी exercise से नहीं साइकिल से टांगों की ताकत और stamina जरूर बढ़ता है, पर लंबाई बढ़ाने का दावा सिर्फ सुनी-सुनाई बात है।
क्या साइकिल चलाने से वजन कम होता है?
हां, मदद करता है, क्योंकि इसमें calorie जलती है पर अकेली साइकिल काफी नहीं, खाना भी सही रखना पड़ता है। रोज चलाओ और खाने पर ध्यान दो, तभी असली फर्क दिखता है।
साइकिल चलाने के लिए क्या करना चाहिए?
सही ऊंचाई की गद्दी, हवा भरे टायर और काम करते brake, बस इतना काफी है शुरू करने को नई साइकिल है तो अपनी height के हिसाब से size चुनो, और चलानी नहीं आती तो पहले वो सीखो, दोनों पर हमारी अलग guide है।
क्या रोज साइकिल चलाना अच्छा है?
हां, बशर्ते धीरे शुरू करो और शरीर को ढलने दो, रोज का छोटा-मोटा आना-जाना अपने आप में अच्छी कसरत बन जाता है, अलग से gym जाने की जरूरत नहीं रहती।
घुटने के दर्द में साइकिल चलाना सही है या नहीं?
साइकिल दौड़ से हल्की है और घुटनों पर कम जोर डालती है, इसलिए अक्सर सही रहती है, बशर्ते गद्दी सही ऊंचाई पर हो पर अगर घुटने में पहले से कोई तकलीफ है, तो शुरू करने से पहले एक बार doctor से पूछ लेना सबसे सही है।
सेहत और पैसा, दोनों एक साथ बचाने वाली चीजें बहुत कम होती हैं। cycle chalane ke fayde का पूरा हिसाब यही है, एक तरफ मजबूत शरीर, दूसरी तरफ भरी जेब घर में साइकिल खड़ी है तो उसे कल सुबह निकाल लेना बाकी हिसाब आपकी टांगें और आपका petrol pump खुद कर लेंगे।
तो ये साइकिल चलाने के कुछ फायदे और नुकसान। उम्मीद है आपको यह article पसंद आया होगा। अगर आपके कोई सुझाव हैं, टिप्पणियां या किसी अन्य विषय पर आप हमारी राय जानना चाहते हैं, तो आप हमें comment में बता सकते हैं। हम कोशिश करेंगे कि हम आपके सवाल का विषय का जरूर जवाब दें और हो सके तो इस site को अपने दोस्तों के साथ अवश्य साझा करें। मिलते हैं किसी नए article में तब तक के लिए धन्यवाद।
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